चीनी सामान को भारतीय कंपनियां देंगी कड़ी चुनौती

पिछले कुछ समय से चीन और भारत के रिश्ते कुछ बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। भारत-चीन बॉर्डर से हमेशा किसी न किसी तरह की खबर सामने आती ही रहती है।

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पिछले कुछ समय से चीन और भारत के रिश्ते कुछ बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। भारत-चीन बॉर्डर से हमेशा किसी न किसी तरह की खबर सामने आती ही रहती है। इसी बीच चीनी सामान को लेकर बहुत ज्यादा विरोध हुए थे कि जब चीन बॉर्डर पर हमसे दुश्मनी निभा रहा है तो हम उसके देश का सामान क्यों खरीदें, क्यों उसे आर्थिक रूप से मदद करें। पैसा हमारा है और जा बाहर के देश में रहा है। हर साल दिवाली के मौके पर चीनी सामान देश में धड़ल्ले से बिकता है, जिसके चलते चीनी कंपनियों को अच्छा खासा मुनाफा होता है। लेकिन साल चीन के खिलाफ विरोध भी जमकर हुआ है और इस साल दिवाली के मौके पर भारतीय कंपनियां चीन की सजावट वाले सामान जैसे लड़ियों या झालरों को चुनौती देने के लिए मार्केट में उतर आई हैं।

जानकारी के अनुसार, इससे लड़ियों, एलईडी बल्ब और डेकोरेटिव लाइटों के बाजार पर चीन को बहुत हद तक नुकसान होने वाला है। जैसे की सभी जानते हैं चीन का सामान बहुत सस्ता होता है इसलिए ही दामों को लेकर भारतीय कंपनियों के पास ये एक चुनौती भरा काम है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल दिवाली पर चीनी सामान के बहिष्कार का अभियान चलने से चीनी सामान की बिक्री लगभग 20 फीसदी की कमी हुई थी। इस साल भी चीनी लड़ियों और अन्य लाइटिंग उत्पादों का आयात बहुत कम हुआ है।

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आपको बता दें कि चीन से आयात के लिए चार-पांच 5 महीने पहले ऑर्डर देना पड़ता है। चीन और भारत के बिगड़ते रिश्तों की वजह से कॉफी कम ऑर्डर दिए हैं।

50 फीसदी तक कमी
चीनी सामान के बहिष्कार को लेकर अभियान की वजह से चीनी लड़ियों की मांग 20 प्रतिशत तक घटी थी। और इस बार 50 प्रतिशत तक कमी भी हो सकती है।

इस बार दिवाली पर बेचने के लिए चीन से लड़ियों और अन्य लाइटिंग उत्पादों का आयात 40 प्रतिशत तक कम हुआ है। इसके अलावा ग्राहक भी अब भारत में बनी लड़ियों की मांग करते हैं, जिसकी वजह से हम दोनों तरह का माल बेच रहे हैं।

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