खतरे की दवा पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, भागीरथ पैलेस पर रेड

राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध भागीरथ पैलेस में सेंट्रल ड्रग्स स्टैण्डर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन के 140 अधिकारियों ने मिलकर छापा मारा जिसके बाद से पूरे भागीरथ पैलेस के व्यापारियों में खलबली मच गई है।

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध भागीरथ पैलेस में सेंट्रल ड्रग्स स्टैण्डर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन के 140  अधिकारियों ने मिलकर छापा मारा जिसके बाद से पूरे भागीरथ पैलेस के व्यापारियों में खलबली मच गई है। इस छापे को दवा विक्रेताओं पर सर्जिकल स्ट्राइक के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि छापे के दौरान कई ऐसे सबूत मिले हैं जो इन दवा विक्रेताओं पर कार्रवाई करने के लिए काफी है।

दवाओं को काफी अनहाइजेनिक परिस्थिति में रखा गया

छापे के दौरान पाया गया कि ज़्यादातर थोक विक्रेताओं के परिसर जहां दवाएं रखी जाती है उसकी स्थिति काफी दयनीय है। दवाओं को काफी अनहाइजेनिक परिस्थिति में रखा गया था। वैक्सीन को जहां स्टोर्ड कर के रखा गया था वहां का तापमान 30 डिग्री सेंटीग्रेड से ज्यादा था जबकि उन वैक्सीनों को 2 से 8 डिग्री के तापमान में रखना होता है।

दवा विक्रेताओं को लोगों की जान की भी परवाह नहीं

थोक दवा विक्रेताओं को लोगों की जान की भी परवाह नहीं है थोड़े से मुनाफे के लिए वो लोगों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जांच में पता चला कि कफ सिरप को 5 लीटर के पीवीसी कंटेनर में रखा गया था जो कि मरीजों के लिए काफी नुकसानदायक साबित होगा।

अधिकारियों ने बताया कि यहां से छापे के दौरान 100 से ज्यादा संदिग्ध सैंपल इकठ्ठा किए गए हैं जिसे जांच के लिए सेंट्रल ड्रग्स कंट्रोल लेबोरेटरी कोलकाता भेजा जायेगा। यहां पर इन दवाओं की गुणवत्ता जांची जाएगी। अगर जांच में किसी भी तरह की कमी पायी गई तो फिर कानून के मुताबिक उन पर कार्रवाई की जाएगी।

जांच अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर दवाओं की खरीद बिक्री बिना बिल के की जाती है जिसकी वजह से बाजार नकली दवाओं का धंधा धड़ल्ले से चलाया जा रहा है और इसे रोकना बेहद अहम है।

भारी मात्रा में नकली दवाएं और प्रतिबंधित दवाएं मिली

बता दें कि भागीरथ पैलेस में दवाओं की कालाबाजारी को लेकर अक्सर छापेमारी होती रहती है। इससे पहले नवंबर 2016 में भी छापेमारी की गई थी। जिसमें भारी मात्रा में नकली दवाएं और बैन दवाएं मिली थी।

वहीं 2014 में एलजी नजीब जंग के आदेश पर राजधानी में लगातार छापे की कार्रवाई की गई थी। जहां दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की ओर से दवाओं की होलसेल मार्केट भागीरथ पैलेस में छापेमारी करके काफी मात्रा में दवाएं सील की गईं थी। वहीं कुछ दिन पहले ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीमों द्वारा की गई कार्रवाई में पकड़ी गई गर्भनिरोधक दवाओं की सच्चाई का पता लगाने अहमदाबाद गई टीम को i-pill बनाने वाली कंपनी ने लिखकर दिया था कि ये दवा उस कंपनी की नहीं है।