फेस्टिव सीजन में रखें इन बातों का ख्याल, गोल्ड खरीदते समय नहीं खाएंगे धोखा

किसी के पास थोड़े पैसे जमा हुए तो उसको बस सोने की ज्वेलरी खरीदने का ख्याल आता है। लेकिन सोना खरीदते हुए ये ध्यान देना चाहिए की कहीं आपको साथ धोखा तो नहीं हो रहा है।

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देश में फेस्टिव सीजन चल रहा है, इस समय देश में सबसे ज्यादा खरीदारी होती है। भारतीय लोगों को गोल्ड की ज्वेलरी सबसे ज्यादा पसंद आती है, इसलिए भारत में गोल्ड की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है। किसी के पास थोड़े पैसे जमा हुए तो उसको बस सोने की ज्वेलरी खरीदने का ख्याल आता है। लेकिन सोना खरीदते हुए ये ध्यान देना चाहिए की कहीं आपको साथ धोखा तो नहीं हो रहा है।

कितना पत्थर, कितना सोना
ध्यान रहे जब आपर पत्थर जढ़ी ज्वेलरी खरीदते हैं तो कुछ दुकानदार ज्वेलरी का वजन कर पत्थर की भी सोने वाली कीमत ही लेते हैं। लेकिन जब आप उसे बदलने या बेचने जाएंगे तो पत्थर का वजन घटाकर कीमत मिलेगी। इसलिए ध्यान देना चाहिए की ज्वेलरी में सोने का वजन कितना है और पत्थर का वजन कितना है और उसी के हिसाब से कीमत देनी चाहिए।

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सोने की शुद्धता
सोना अलग-अलग कैरट में उपलब्ध होता है। सोने की शुद्धता कैरट से मापी जाती है। 24 कैरट सबसे ज्यादा शुद्ध होता, लेकिन इससे ज्वेलरी नहीं बन पाएगी। इसलिए ज्वेलरी में सबसे ज्यादा 22 कैरट गोल्ड को शुद्ध माना जाता है, जिसमें 91.6% गोल्ड होता है। बाकी मात्रा जिंक, कॉपर, कैडमियम या चांदी की होती है ताकि ज्वेलरी ज्यादा मजबूत होती है।

कीमत
गोल्ड ज्वेलरी का दाम 2 बातों पर निर्भर करता है
पहली ज्वेलरी में सोने की मात्रा कितनी है, 22 कैरट या 18 कैरट
दूसरी उसमें कौन सा मिश्रधातु मिलाई गई है। रोजाना राष्ट्रीय स्तर पर तय शुद्ध सोने की दर बताई जाती है। अलग-अलग दुकानदार के पास कीमत अलग-अलग हो सकती है, लेकिन अंतर अधिक नहीं होगा।

ऐसे करें पहचान
ज्वेलरी के दाम में गोल्ड और मिलाए गए मिश्रधातु का दाम शामिल होता है और मेकिंग चार्जेज और जीएसटी अलग से लिया जाता है। मिश्रधातु की कीमत बहुत कम होती है। तो ध्यान देना चाहिए की कौन-सी धातु कितनी मिलाई गई है।

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