Water Research: अल्कलाइन, RO और कांगेन… क्या आपका पानी ही आपकी बीमारी की वजह है? रिपोर्ट में चौंकाने वाले दावे

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Water Research: पानी को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार बहस तेज होती जा रही है कि आखिर कौन सा पानी पीना सेहत के लिए सबसे अच्छा माना जाए। पहले के समय में लोग बिना किसी झिझक के कुएं, तालाब, झरनों और नदियों का पानी पी लेते थे। लेकिन जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ी, नल का पानी आम जीवन का हिस्सा बन गया। फिर स्थिति ये आई कि कई रिसर्चों में नल का पानी कंटामिनेटेड यानी अशुद्ध बताया जाने लगा। इसी वजह से बाजार में फिल्टर और RO प्यूरीफायर्स की डिमांड बढ़ गई।

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हालांकि अब एक नई बहस RO वाटर को लेकर ही छिड़ी हुई है। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार RO का पानी बाकी विकल्पों की तुलना में कम फायदेमंद माना जा रहा है। इसी बीच अल्कलाइन और कांगेन वाटर की पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ रही है, जिन्हें कई सेलिब्रिटीज और स्पोर्ट्स पर्सन भी पीना पसंद करते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या वाकई ये पानी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है? आइए समझते हैं तीनों प्रकार के पानी को विस्तार से।

RO वाटर: शुद्ध लेकिन ‘अधूरा’ पानी? (Water Research)

आज लगभग हर घर, स्कूल और ऑफिस में RO प्यूरीफायर लगा मिल जाता है। रिवर्स ऑस्मोसिस तकनीक की मदद से पानी में घुले अशुद्ध और दूषित तत्व पूरी तरह हट जाते हैं। देखने में ये साफ और सुरक्षित लगता है, लेकिन इसमें एक बड़ी कमी है RO की फिल्टरिंग प्रक्रिया पानी से जरूरी मिनरल्स भी खींच लेती है।

RO पानी का pH लेवल आमतौर पर 5 से 6 के बीच होता है, जो काफी कम माना जाता है। इसी कारण यह पानी शरीर में जल्दी से अब्ज़ॉर्ब नहीं होता और स्टमक में स्टोर हो जाता है, जिसकी वजह से स्किन हाइड्रेशन पर भी असर पड़ता है। हालांकि फायदा ये है कि RO पानी अशुद्धियों से पूरी तरह मुक्त होता है और पाचन को सुधारने में मदद करता है।

अल्कलाइन वाटर: तेजी से बढ़ता ट्रेंड

अल्कलाइन वाटर को हाल के समय में सबसे ज्यादा चर्चा मिली है। कई सेलिब्रिटी, फिटनेस एक्सपर्ट और स्पोर्ट्समैन इसे रेगुलर इस्तेमाल कर रहे हैं। अल्कलाइन पानी का pH लेवल 6.5 से 8.5 तक रहता है, जो इसे स्वाभाविक रूप से अधिक बैलेंस्ड बनाता है। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे मिनरल्स भरपूर होते हैं।

इसके फायदे:

  • मेटाबॉलिज्म को स्ट्रॉन्ग बनाता है
  • किडनी स्टोन के खतरे को कम करता है
  • एसिडिटी और पेट से जुड़े समस्याओं में राहत देता है
  • स्किन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है
  • इस पानी को नहाने के लिए भी अच्छा बताया जाता है, जिससे स्किन एलर्जी और रैशेज कम होते हैं

सबसे खास बात यह है कि अल्कलाइन वाटर को घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। कुछ विशेषज्ञ इसे गंगा नदी या पहाड़ी झरनों के पानी जितना फायदेमंद मानते हैं।

कांगेन वाटर: जापानी तकनीक से बना विशेष पानी

कांगेन वाटर हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुआ है। यह पानी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है और मशीन के जरिए आयनाइजेशन प्रक्रिया से तैयार किया जाता है। कहने का मतलब यह है कि पानी से अशुद्धियां तो हटा दी जाती हैं, लेकिन इसके प्राकृतिक गुण खत्म नहीं होते। यह पानी एंटी-एजिंग गुणों के लिए भी जाना जाता है।

कांगेन वाटर का pH 8 से 9 तक होता है, जो इसे अधिक अल्कलाइन बनाता है। यह शरीर से फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करता है और लंबे समय तक हेल्दी और यंग दिखने में सहायता करता है। हालांकि इसका एक नुकसान है कांगेन मशीनें महंगी होती हैं, इसलिए ये पानी सभी की पहुंच में नहीं होता।

तो आखिर कौन सा पानी है सबसे अधिक फायदेमंद?

कई हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय में अल्कलाइन वाटर तीनों में सबसे बैलेंस्ड और हेल्थ-फ्रेंडली विकल्प है। इसका pH लेवल न तो बहुत ज्यादा होता है न ही बहुत कम, और इसमें मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। वहीं RO पानी को लेकर विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह देते हैं क्योंकि इसमें जरूरी खनिज बहुत कम रह जाते हैं। कांगेन वाटर भी फायदेमंद है, लेकिन मशीन की कीमत इसे सामान्य परिवारों के लिए कम प्रैक्टिकल बनाती है।

Disclaimer: इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी सामान्य रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी हेल्थ संबंधित बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। समाचार में दी गई जानकारी की Nedrick News कोई जिम्मेदारी नहीं लेता।

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