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Jagdeep Dhankhar Resignation Reason: 21 जुलाई को उन 3 घंटों में ऐसा क्या हुआ कि धनखड़...

Jagdeep Dhankhar Resignation Reason: संसद का मॉनसून सत्र हमेशा की तरह हंगामेदार रहा, लेकिन इस सत्र के पहले दिन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। सोमवार को सत्र की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने देश की एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। लेकिन जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ा, विपक्ष की तरफ से सरकार पर आरोपों और विरोध का सिलसिला तेज हुआ, और अंततः उपराष्ट्रपति के इस्तीफे ने सबका ध्यान खींच लिया।

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क्या था इस्तीफे का कारण? (Jagdeep Dhankhar Resignation Reason)

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को सोमवार की शाम 9:25 बजे स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया। हालांकि, विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं था, बल्कि इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण छिपा हो सकता है। दरअसल, पूरे दिन की बैठकों और राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान न तो धनखड़ अस्वस्थ लगे, और न ही उनकी तबियत में कोई परेशानी का संकेत मिला। उन्होंने दिनभर बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठकें लीं और विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात की। ऐसे में अचानक इस्तीफा देना कई सवालों को जन्म देता है।

Jagdeep Dhankhar Resignation Reason
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जस्टिस वर्मा का मुद्दा और सरकार से टकराव

साथ ही, धनखड़ के इस्तीफे से जुड़ी एक अहम घटना यह थी कि उन्होंने राज्यसभा में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा की थी। यह प्रस्ताव 50 से अधिक सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित था, और धनखड़ ने इसे औपचारिक रूप से स्वीकार किया था। इस प्रस्ताव को लेकर सूत्रों का कहना है कि सत्ता पक्ष को यह कदम खटक सकता था, क्योंकि यह न्यायपालिका से टकराव को बढ़ावा देने वाला था। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि जस्टिस वर्मा के खिलाफ इस कार्रवाई को स्वीकार करके धनखड़ ने सरकार की मौन सहमति के बिना कदम उठाया था।

विपक्ष का आरोप और पार्टी नेताओं की गैरमौजूदगी

इस्तीफे से पहले, राज्यसभा में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने एक पोस्ट में कहा कि उपराष्ट्रपति का इस्तीफा बेहद अप्रत्याशित था। उन्होंने कहा कि धनखड़ ने मंगलवार को होने वाली बैठक की तैयारी के तहत राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान महत्वपूर्ण घोषणाएं की थी, लेकिन अचानक इस्तीफा देने से यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। जयराम रमेश ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि 21 जुलाई को हुए घटनाक्रम के दौरान, बीजेपी के नेताओं जेपी नड्डा और किरेन रिजीजू ने दूसरी BAC बैठक में हिस्सा नहीं लिया, जिससे उपराष्ट्रपति आहत हो सकते थे।

Vice Presidential Election Process
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इसके अलावा, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने भी बताया कि धनखड़ बिल्कुल स्वस्थ थे और संसद की कार्यवाही का संचालन हंसमुख अंदाज में कर रहे थे, लेकिन अचानक हुई बैठक में नड्डा और रिजीजू की अनुपस्थिति ने उन्हें निराश किया। इसके बाद यह माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम ने सत्ता पक्ष को असहज किया, और शायद यही कारण था कि उपराष्ट्रपति ने इस्तीफा देने का फैसला किया।

स्वास्थ्य या राजनीति?

इसी बीच, यह सवाल उठता है कि क्या उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के पीछे सच में स्वास्थ्य कारण थे, या फिर यह एक सियासी चाल का हिस्सा था? जस्टिस वर्मा के महाभियोग प्रस्ताव से लेकर नड्डा और रिजीजू की बैठक में गैरमौजूदगी तक, हर एक घटना ने इस इस्तीफे को और भी संदिग्ध बना दिया। सूत्रों के मुताबिक, जब जयराम रमेश ने धनखड़ से फोन पर बात की, तो उन्होंने यह कहा कि वे अपने परिवार के साथ स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन राजनीति में जो कुछ हुआ, उसे लेकर यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस्तीफे की वजह कुछ और थी।

क्या है इस्तीफे के बाद का अगला कदम?

अब इस इस्तीफे के बाद यह सवाल उठता है कि आगे क्या होगा? क्या यह इस्तीफा सरकार और उपराष्ट्रपति के बीच किसी बड़ी असहमति का परिणाम था? कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगर धनखड़ ने न्यायमूर्ति वर्मा के मामले में सरकार की सहमति के बिना कार्रवाई की होती तो इससे सत्तारूढ़ पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा हो सकती थी।

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Sarfaraz Khan Fitness Transformation: सरफराज खान का शानदार ट्रांसफॉर्मेशन: 17 किलोग्र...

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Sarfaraz Khan Fitness Transformation: पृथ्वी शॉ, कुछ सीखो सरफराज खान से…. ये बात इंग्लेंड के पूर्व दिग्गज केविन पीटरसन ने कही है। इस बात को कहने के पीछे का कारण भी बड़ा दिलचस्प है। दरअसल लंबे वक्त से टीम इंडिया से बाहर चल रहे सरफराज खान अब अपने कमबैक की तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने अपना 17 किलोग्राम वजन घटाकर उन सबको करारा जवाब दिया है जो हमेशा उनकी फिटनेस पर सवाल उठाते थे। सरफराज ने खुद को पूरी तरह से फिट किया और इस बदलाव के बाद, सरफराज अब पूरी तरह से फिट और फुर्तीले नजर आ रहे हैं। उनकी इस फिटनेस को देखकर केविन पीटरसन भी काफी हैरान हैं।

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फिटनेस को लेकर होती थी आलोचना – Sarfaraz Khan Fitness Transformation

सरफराज खान को घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए हमेशा सराहा गया है, लेकिन अपनी फिटनेस को लेकर उन्हें अक्सर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। यही वजह थी कि उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में नियमित जगह नहीं मिल पाई। हालाँकि, सरफराज ने इसे पॉजिटिव वे में लिया और अपनी अपना सारा फोकस फिटनेस की तरह शिफ्ट कर लिया। अब उन्होंने जो कुछ भी किया है, वह न केवल उनकी मेहनत का नतीजा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वह आलोचनाओं से आगे बढ़कर खुद को साबित करने में काबिल हैं।

केविन पीटरसन ने भी की सराहा

सरफराज के इस ट्रांसफॉर्मेशन को इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर केविन पीटरसन ने भी सराहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सरफराज के बदलाव की तारीफ करते हुए लिखा, “शानदार प्रयास, युवा! बहुत-बहुत बधाई और मुझे यकीन है कि यह मैदान पर बेहतर प्रदर्शन की ओर ले जाएगा।” इसके साथ ही, पीटरसन ने इनडायरेक्टली पृथ्वी शॉ को भी से इस ट्रांसफॉर्मेशन से सीखने की सलाह दी। पीटरसन ने कहा, “कोई पृथ्वी को यह दिखा सकता है, कृपया? यह किया जा सकता है! मजबूत शरीर, मजबूत दिमाग।”

आपको बता दें, पृथ्वी शॉ का संघर्ष भी सरफराज से कुछ अलग नहीं है। शॉ ने भी अपनी करियर की शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन लगातार खराब फॉर्म और कुछ ऑफ-फील्ड मुद्दों के कारण वह टीम इंडिया से बाहर हो गए। अब शॉ ने महाराष्ट्र क्रिकेट टीम से जुड़कर एक नई शुरुआत करने का फैसला किया है। उनका मानना है कि महाराष्ट्र टीम के साथ जुड़कर वह एक बेहतर क्रिकेटर के रूप में आगे बढ़ सकते हैं।

पृथ्वी शॉ की नई शुरुआत

पृथ्वी शॉ के लिए यह एक नई दिशा की शुरुआत है, और सरफराज खान के लिए यह एक अहम संकेत है कि कड़ी मेहनत और फिटनेस पर ध्यान देकर कोई भी व्यक्ति अपने करियर में वापसी कर सकता है। शॉ ने भी कहा है, “मैं महाराष्ट्र टीम में शामिल होने के बाद अपने करियर को फिर से पटरी पर लाने की उम्मीद करता हूं।”

सरफराज खान क्रिकेट करियर

वहीं, अब तक भारत के लिए 6 टेस्ट मैच खेल चुके सरफराज खान ने अपने करियर में एक शतक और तीन अर्धशतक बनाए हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, और अब उम्मीद है कि चयनकर्ता उन्हें फिर से मौका देंगे। उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन उनके लिए एक नई शुरुआत हो सकता है, और अगर वह इसी तरह अपनी फिटनेस और प्रदर्शन पर ध्यान देते रहे, तो नेशनल टीम में उनकी वापसी कोई हैरानी की बात नहीं होगी।

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CBSE Cluster के बाद गाजियाबाद की सिमरत ने स्टेट बॉक्सिंग मे फिर से रचा इतिहास, यूपी स...

Boxer Simrat Ghaziabad: गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित कैंब्रिज स्कूल की कक्षा 8वीं की होनहार छात्रा सिमरत (Simrat) ने यूपी स्टेट सब-जूनियर चैंपियनशिप (UP State Sub Junior Championship 2025) में 36-38 किलोग्राम अंडर-14 कैटेगरी में स्वर्ण पदक हासिल कर एक बार फिर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है. अपनी इस उपलब्धि के साथ सिमरत ने न केवल अपने स्कूल और गाजियाबाद का नाम एक बार फिर रोशन किया है बल्कि नेशनल लेवल की प्रतियोगिता के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है. उनकी यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण, फैमिली सपोर्ट और कोच के.के. (कृष्ण कांत) के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है.

स्टेट लेवल पर सिमरत का शानदार प्रदर्शन

सिमरत ने यूपी स्टेट सब-जूनियर चैंपियनशिप में अपनी तेजी, तकनीक और आत्मविश्वास से सभी को प्रभावित किया. 36-38 किग्रा अंडर-14 कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने साबित कर दिया कि उम्र की कोई सीमा उनकी प्रतिभा को रोक नहीं सकती है. हाल ही में सिमरत ने CBSE Cluster 2025 में भी इसी कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था, अब स्टेट लेवल पर गोल्ड हासिल कर उन्होंने इतिहास रच दिया है.

सिमरत (Boxer Simrat Ghaziabad) ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और परिवार को देते हुए कहा, मेरे कोच ने मुझे हमेशा सिखाया कि हार से डरने की जरूरत नहीं बल्कि उससे सीखकर आगे बढ़ना है. वह बताती हैं कि उनके परिवार का समर्थन उनके लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्त्रोत रहा. और जिस दिन उनका फ़ाइनल मैच था उस दिन उनके कोच लगातार उन्हें निर्देश देते रहे, जो कि उनके लिए मैच जितने मे काफ़ी मददगार साबित हुआ.

कोच के.के. का मार्गदर्शन

सिमरत के कोच के.के. बताते हैं कि सिमरत एक दिन ओलंपिक ज़रुर खेलेगी और देश का नाम रोशन करेगी. सिमरत बिना रुके, थके कई घंटों की ट्रेनिंग लगातार करती हैं, जिसने उसकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उनकी कड़ी ट्रेनिंग और रणनीतिक मार्गदर्शन ने सिमरत की प्रतिभा को निखारा है. कोच के.के. का कहना है कि “सिमरत एक अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं. उनकी लगन और जुनून उन्हें अलग बनाता है.” उन्होंने विश्वास जताया है कि सिमरत अब नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर भी शानदार प्रदर्शन करेंगी.

कैंब्रिज स्कूल इंदिरापुरम ने क्या कहा?

वहीं, कैंब्रिज स्कूल, इंदिरापुरम (Cambridge School Indirapuram) ने हमेशा अपने छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान दिया है. स्कूल की प्रिंसिपल और प्रबंधन ने सिमरत की इस उपलब्धि पर गर्व जताया. सिमरत की इस उपलब्धि पर स्कूल की ओर से कहा गया कि हमारे छात्रों की यह उपलब्धि पूरे स्कूल के लिए गर्व का क्षण है. हम अपने छात्रों को ऐसी शिक्षा और अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो उन्हें अपने सपनों को साकार करने में मदद करें.

2023 में भी छा गई थीं सिमरत

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब सिमरत (Boxer Simrat Ghaziabad) ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है. वर्ष 2023 में भी उन्होंने CBSE Cluster में स्वर्ण पदक जीता था, जो उनकी आज की उपलब्धियों की नींव है. उनकी निरंतर मेहनत और कोच के.के. की ट्रेनिंग ने उन्हें नेशनल लेवल तक पहुंचाया है. सिमरत का सपना अब नेशनल और इंटरनेशनल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है.

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परिवार के लिए गर्व का पल

आपको बता दें कि सिमरत की मां, पुनीत कौर अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करते हुए परमात्मा को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा, “सिमरत का यह सफर देखकर मुझे बहुत खुशी होती है. उसकी मेहनत और लगन उसे इस मुकाम तक लाई है.” सिमरत के पिता गोरखनाथ जी ने भी उनकी इस उपलब्धि पर मिठाइयां बांटी और बेटी पर गर्व जताया. गाजियाबाद की सिमरत की इस उपलब्धि ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं. इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनकी स्वर्ण पदक जीत की खबर को स्कूल समुदाय और प्रशंसकों ने खूब सराहा है.

नेशनल लेवल पर कोहराम मचाने को तैयार हैं सिमरत

अब नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में भी सिमरत अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरने के लिए तैयार हैं. उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और कोच के मार्गदर्शन ने उन्हें एक उभरती हुई स्टार खिलाड़ी बनाया है. सिमरत का सपना है कि वह एक दिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करें. गाजियाबाद की इस होनहार बेटी से सभी को बड़ी उम्मीदें हैं और वो निश्चित रूप से अपने जुनून और प्रतिभा के दम पर भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छूएगी.

सिमरत की यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि उनके कोच, पूरे गाजियाबाद और कैंब्रिज स्कूल के लिए गर्व का विषय है.

 Nedrick News की टीम उन्हें नेशनल लेवल पर शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करती है!

Vice President Jagdeep Dhankhar: क्या धनखड़ का इस्तीफा था सरकार से अनबन का परिणाम? जा...

Vice President Jagdeep Dhankhar: जब से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने इस्तीफे का ऐलान किया है, राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उनके अचानक अपने पद से इस्तीफा देने की बात हर किसी के लिए पचा पाना मुश्किल है। हालाँकि उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है, लेकिन इसके बाद दिल्ली की राजनीति में कई सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहाँ सत्ता पक्ष खामोश है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर कई तरह के कयास लगा रहा है। इस्तीफे से पहले जिन घटनाओं और सवालों ने तूल पकड़ा था, वे अब चर्चा का मुख्य विषय बन गए हैं। तो आइए आपको धनखड़ के इस्तीफे के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी बताते हैं।

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क्या था इस्तीफे का असली कारण? (Vice President Jagdeep Dhankhar)

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से दिया गया, यह बात खुद उनके पत्र में लिखी गई है, लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि इसके पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं। इस्तीफे के तुरंत बाद विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि क्या यह इस्तीफा सचमुच स्वास्थ्य समस्याओं के कारण था या फिर यह किसी राजनीतिक दबाव का नतीजा था। सोशल मीडिया पर यह सवाल भी उछला कि कल तक राज्यसभा की कार्यवाही में सक्रिय भूमिका निभाने वाले उपराष्ट्रपति के स्वास्थ्य में अचानक इतना बदलाव कैसे आ गया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और संभावित दबाव

विपक्ष के नेताओं का मानना है कि यह इस्तीफा कोई व्यक्तिगत कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव का नतीजा हो सकता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि 21 जुलाई को दिन में 12:30 बजे जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। लेकिन उसी दिन शाम को बैठक के लिए फिर से जब धनखड़ जी मौजूद थे, तो जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू ने बैठक में भाग नहीं लिया। रमेश ने यह भी दावा किया कि धनखड़ को इस बात की जानकारी पहले से नहीं दी गई, जिससे उन्हें बहुत गुस्सा आया और उन्होंने अगली बैठक को टाल दिया। इस घटना के बाद जयराम रमेश ने यह संकेत दिया कि सरकार और उपराष्ट्रपति के बीच अनबन हो सकती है, जो इस्तीफे का कारण बन सकती है।

स्वास्थ्य या राजनीतिक कारण?

वहीं, उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारण बताये गए हैं, लेकिन सत्ता पक्ष के खामोश रहने और राजनीतिक हलकों में तूल पकड़ रही बातों से यह स्पष्ट होता है कि कुछ और कारण भी हो सकते हैं। जिस तरह से जगदीप धनखड़ ने महाभियोग के मुद्दे पर बिना किसी पूर्व जानकारी के राज्यसभा में कदम उठाया, उसने सत्ता पक्ष को असहज कर दिया था। इस दौरान उनकी आलोचना भी हुई थी, क्योंकि राज्यसभा में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के लिए बिना किसी चर्चा के कदम उठा लिया गया था। यह कदम सत्ता पक्ष को निराश कर सकता था, और हो सकता है कि इसी वजह से उन्हें इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया हो।

धनखड़ की अचानक चुप्पी

इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उपराष्ट्रपति ने किसी भी प्रकार का विदाई भाषण क्यों नहीं दिया। परंपरा के अनुसार, जब किसी वरिष्ठ पदाधिकारी का इस्तीफा होता है, तो वह सार्वजनिक रूप से एक विदाई भाषण देते हैं। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस पर राजनीतिक विश्लेषक यह मानते हैं कि यह चुप्पी सत्ता पक्ष के भीतर के मतभेदों को उजागर करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा बीजेपी के नेताओं ने भी कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर और भी सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है सरकार और उपराष्ट्रपति के बीच मतभेद?

बताया जा रहा है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की कुछ टिप्पणियां और फैसले सरकार के लिए परेशानी का कारण बने थे। विशेष रूप से, जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर उनका रुख सरकार के पक्ष में नहीं था। इसके अलावा, सत्ता पक्ष ने यह भी महसूस किया कि धनखड़ की भूमिका में और विपक्ष के प्रति नरमी बढ़ी थी, जो सरकार के लिए चिंता का विषय बन गया था।

क्या है अगले उपराष्ट्रपति के चयन की स्थिति?

अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा? क्या बीजेपी अपनी तरफ से किसी विश्वसनीय और पार्टी लाइन से जुड़े उम्मीदवार को उपराष्ट्रपति बनाएगी, या फिर कोई ऐसा व्यक्ति चुनेगी जो विपक्ष को भी संतुष्ट कर सके? सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे के बाद ही इस मुद्दे पर कोई नई चर्चा शुरू होगी, लेकिन नियम के अनुसार 60 दिनों के भीतर नए उपराष्ट्रपति का चुनाव करना होगा।

नए उपराष्ट्रपति का चयन और आगे की राजनीति

जगदीप धनखड़ का इस्तीफा भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। हालांकि, इसका पूरी तरह से स्वास्थ्य कारणों से होना भी साफ नहीं है। सत्ता पक्ष की चुप्पी और विपक्ष के सवालों से यह संकेत मिलता है कि उपराष्ट्रपति पद के इस्तीफे के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि एनडीए द्वारा नया उपराष्ट्रपति उम्मीदवार किसे चुना जाएगा, और क्या यह कोई विवादों से बचने वाला व्यक्ति होगा या एक ऐसा चेहरा होगा जो सत्ता और विपक्ष के बीच संतुलन बनाए रख सके।

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CBSE Cluster 2025 Winners: गाजियाबाद के अंगद और सिमरत ने जीता गोल्ड, अब नेशनल लेवल पर...

CBSE Cluster 2025 Gold Winners: गाजियाबाद के इंदिरापुरम के कैंब्रिज स्कूल ने एक बार फिर अपनी शैक्षिक और खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है. वर्ष 2025 के सीबीएसई क्लस्टर खेल आयोजन में स्कूल के दो होनहार छात्र अंगद सिंह (Angad Singh) और छात्रा सिमरत (Simrat) ने स्वर्ण पदक जीतकर न केवल स्कूल का नाम रोशन किया बल्कि पूरे गाजियाबाद के साथ कोच के.के उर्फ कृष्ण कांत का भी मान बढ़ाया है. इन दोनों युवा खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण, फैमिली सपोर्ट और कोच के.के के कुशल मार्गदर्शन ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है.

U-17 में अंगद सिंह ने मचाया धमाल

कक्षा 11वीं में पढ़ने वाले अंगद सिंह ने सीबीएसई क्लस्टर 2025 (CBSE Cluster 2025 Gold Winners) में अंडर-17 के 48-50 किलोग्राम कैटेगरी में अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. उनकी तेजी, तकनीक और खेल के प्रति जुनून ने उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया. अंगद सिंह ने पहले भी कई प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है. 2023 के सीबीएसई क्लस्टर में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था.

उनकी यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है बल्कि कैंब्रिज स्कूल के खेल प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोच के.के. की कड़ी मेहनत का भी नतीजा है. अंगद का कहना है कि “मेरे कोच के.के. सर ने मुझे हर कदम पर प्रेरित किया और मेरी कमजोरियों को मेरी ताकत में बदला. यह स्वर्ण पदक मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है.” अंगद (Angad Singh) का लक्ष्य अब नेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना है.

CBSE Cluster 2025 Angad Singh
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U-14 में सिमरत ने मनवाया अपनी सूझबूझ का लोहा

वहीं, कक्षा 8वीं की छात्रा सिमरत (Simrat) ने भी कम उम्र में ही अपनी असाधारण खेल प्रतिभा से सबको प्रभावित किया है. 2025 सीबीएसई क्लस्टर में अंडर-14 के 36-38 किलोग्राम कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीतने के बाद सिमरत ने स्टेट लेवल पर भी गोल्ड हासिल किया और अब वह नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली हैं. उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि जब बात मेहनत और लगन की आती है तो उम्र महज एक नंबर के सिवा कुछ नहीं है.

सिमरत की तेजी, आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. सिमरत ने अपनी फैमिली और कोच के.के. को अपनी सफलता का श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि “मेरे कोच ने मुझे हमेशा यह सिखाया कि हार से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि उससे सीखकर आगे बढ़ना है.” अब सिमरत का सपना है कि वह नेशनल और इंटरनेशनल  लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व करें और देश का नाम रोशन करें.

CBSE Cluster 2025 Simrat Kaur
Source- Nedrick News

कौन हैं कोच के.के उर्फ कृष्ण कांत?

दरअसल, के.के अपनी दो बॉक्सिंग अकादमी चलाते हैं, जिसमें एक नोएडा और दूसरा ग़ाजियाबाद में है. कोच के.के. ने अंगद और सिमरत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हर बार की तरह इस बार भी उनकी टीम के बच्चे सबसे ज़्यादा गोल्ड ओर सिल्वर लाने वाले बच्चों मे शुमार हुए हैं. इन बच्चों में अंगद और सिमरत भी हैं. उनकी कड़ी ट्रेनिंग, रणनीतिक मार्गदर्शन और खिलाड़ियों के प्रति समर्पण ने इन युवा प्रतिभाओं को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

कोच के.के. का मानना है कि प्रत्येक छात्र में कुछ खास होता है और सही दिशा और मार्गदर्शन के साथ वे बेहतरीन परिणाम हासिल कर सकते हैं . कोच के.के. के मुताबिक, अंगद और सिमरत दोनों ही बेहद मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी हैं. उनकी इस उपलब्धि पर मुझे गर्व है और मुझे विश्वास है कि वे भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छूएंगे.

कैंब्रिज स्कूल इंदिरापुरम ने क्या कहा?

कैंब्रिज स्कूल, इंदिरापुरम (Cambridge School Indirapuram) ने हमेशा से ही अपने छात्रों के समग्र विकास पर जोर दिया है. स्कूल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है बल्कि यह स्कूल, खेल, कला और सामाजिक गतिविधियों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है. स्कूल का आदर्श वाक्य “We Learn to Serve” इसके दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो छात्रों को न केवल अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित करता है बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करता है. अंगद और सिमरत की इस उपलब्धि पर स्कूल की ओर से कहा गया कि हमारे छात्रों की यह उपलब्धि पूरे स्कूल के लिए गर्व का क्षण है. हम अपने छात्रों को ऐसी शिक्षा और अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो उन्हें अपने सपनों को साकार करने में मदद करें.

दोनों खिलाड़ी 2023 में भी जीत चुके हैं गोल्ड

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब कैंब्रिज स्कूल के छात्रों ने सीबीएसई क्लस्टर (CBSE Cluster 2025 Gold Winners) में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है. वर्ष 2023 में भी स्कूल के छात्र अंगद सिंह और सिमरत कौर ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड पदक जीते थे.

उस समय की यह सफलता आज की उनकी उपलब्धियों की नींव बन गई है. सिमरत कौर की प्रतिभा अब नेशनल लेवल पर चमकने वाली है. साथ ही वह जल्द अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं. उनकी मेहनत और कोच के.के. की ट्रेनिंग ने उनके करियर को संवारने का काम किया है, जिसके दम पर वह भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं.

अपने बच्चों की सफलता पर सिमरत की मां पुनीत कौर ने गर्व के साथ कहा कि “मेरी बेटी का यह सफर देखकर मुझे बहुत खुशी होती है.” वहीं, अंगद के पिता गोरखनाथ जी ने भी अपने बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व जताया है. सिमरत और अंगद भाई बहन हैं और इनकी इस उपलब्धि ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं. इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके स्वर्ण पदक जीतने की खबर को प्रशंसकों और स्कूल समुदाय ने खूब सराहा है. भविष्य में ये भाई-बहन जोरदार धमाल मचाने के लिए तैयार हैं!

और पढ़ें: CBSE Cluster 2023 में भी गाजियाबाद के अंगद और सिमरत ने मचाया था धमाल

Nedrick News की टीम इन बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित करती है!

Ghaziabad Fake Embassy Exposed: गाजियाबाद में फर्जी दूतावास का खुलासा, एसटीएफ ने की ब...

Ghaziabad Fake Embassy Exposed: यूपी के गाजियाबाद में एक आलीशान कोठी में चल रहे फर्जी दूतावास का पर्दाफाश हुआ है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह छापेमारी यूपी एसटीएफ (नोएडा यूनिट) ने की, और मौके से गिरफ्तार किया गया आरोपी हर्षवर्धन जैन, जो गाजियाबाद के कविनगर का रहने वाला है। वह खुद को कई काल्पनिक देशों का राजदूत बताकर पिछले कुछ सालों से फर्जी दूतावास चला रहा था।

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हर्षवर्धन जैन ने अपने को “West Arctica”, “Saborga”, “Poulvia”, और “Lodonia” जैसे माइक्रो-नेशन्स का राजदूत बताया था, जो पूरी तरह से काल्पनिक देश हैं। उसने इन देशों के नाम पर गाजियाबाद में एक आलीशान कोठी किराए पर लेकर वहां “West Arctica Embassy” के नाम से फर्जी दूतावास खोल रखा था। इस दूतावास में तमाम फर्जी दस्तावेज और चीजें मिली हैं, जिनसे यह साफ होता है कि आरोपी ने एक बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।

क्या-क्या मिला आरोपी के पास? (Ghaziabad Fake Embassy Exposed)

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एसटीएफ की छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से कई चौंकाने वाली चीजें बरामद हुई हैं। आरोपी के पास से चार डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट वाली लग्जरी गाड़ियां, 12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की नकली मुहरें, और 34 अलग-अलग विदेशी कंपनियों और देशों की मोहरें भी बरामद हुई हैं। इसके अलावा, आरोपी के पास से फर्जी प्रेस कार्ड, पैन कार्ड, और करीब 44.7 लाख रुपये कैश भी मिले हैं। इसके अलावा, आरोपी के पास 18 और डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट भी पाई गईं।

हैरानी वाली बात तो यह है कि आरोपी हर्षवर्धन लोगों को झांसा देने के लिए सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, और अन्य वीआईपी हस्तियों के साथ मॉर्फ की हुई तस्वीरें पोस्ट करता था। इन तस्वीरों के जरिए वह लोगों को विदेशों में काम दिलाने का झांसा देता था और इसके बदले बड़ी दलाली भी वसूल करता था।

हवाला रैकेट और शेल कंपनियों से कनेक्शन

जांच के दौरान एसटीएफ ने यह भी पाया कि हर्षवर्धन का मुख्य काम विदेश में नौकरी के नाम पर दलाली करना, फर्जी दस्तावेज तैयार करना और शेल कंपनियों के जरिए हवाला ट्रांजेक्शन करना था। एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी विवादों में रह चुका है। 2011 में अवैध सैटेलाइट फोन रखने के मामले में उसके खिलाफ थाना कविनगर में मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा, उसका नाम कुख्यात चंद्रास्वामी और इंटरनेशनल आर्म्स डीलर अदनान खगोशी से जुड़े संपर्कों में भी आया है।

एसटीएफ की कार्रवाई के बाद कविनगर थाने में हर्षवर्धन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है, और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और अब तक उसने कितने लोगों को अपने जाल में फंसाया है।

जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस और जांच एजेंसियां अब आरोपी के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं, ताकि यह पता चल सके कि वह और कितने लोगों को ठग चुका है। इसके साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि वह किस तरह से विदेशी कंपनियों और देशों के नाम का इस्तेमाल करके लोगों को फर्जी वीजा और नौकरी के नाम पर ठगता था।

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Bollywood Actress Tanushree Dutta: तनुश्री दत्ता ने वीडियो पोस्ट कर मदद की लगाई गुहार...

बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता (Bollywood Actress Tanushree Dutta)एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर अपनी परेशानियों का खुलासा किया। इस वीडियो में उन्होंने रोते हुए कहा कि पिछले चार-पाँच सालों से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी परेशानियों के बारे में पुलिस से भी मदद मांगी, लेकिन पुलिस से उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि वे शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन आकर रिपोर्ट करें। तनुश्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और उनके फैंस उन्हें लेकर अपनी चिंता जता रहे हैं। अब सवाल उठता है कि तनुश्री के साथ ऐसा क्या हो गया जिसे लेकर वो इस तरह से बेबस होती नजर आ रही है?

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वीडियो में तनुश्री ने क्या कहा? Bollywood Actress Tanushree Dutta

तनुश्री दत्ता ने अपने वीडियो में कहा,‘दोस्तों, मुझे मेरे ही घर में परेशान किया जा रहा है। मैंने पुलिस को कॉल किया, और वे आए, लेकिन उन्होंने कहा कि शिकायत लिखवाने के लिए मुझे पुलिस स्टेशन आना पड़ेगा। मैं कल या परसों शिकायत करूंगी, लेकिन मुझे अभी मदद की ज़रूरत है। मैं बहुत परेशान हो गई हूं। चार-पाँच सालों से लगातार परेशान हो रही हूं, जिससे मेरी तबीयत खराब हो गई है। मैं कोई काम नहीं कर पा रही हूं, मेरा घर बिखरा पड़ा हुआ है।’

नौकरानी के साथ भि एक्ट्रेस का बुरा एक्सपीरियंस

तनुश्री वीडियो में आगे कहती हैं कि घर में नौकरानी रखने की कोशिश भी की थी, लेकिन वो भी बुरा एक्सपीरियंस रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि घर में काम करने आने वाली नौकरानियां चोरी करती हैं, जिससे उन्हें खुद ही सारा काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “मेरे दरवाजे के बाहर लोग आते हैं, मुझे परेशान करते हैं, और मैं इसका सामना अकेले कर रही हूं। प्लीज, कोई मेरी मदद करो।”

वीडियो के साथ तनुश्री ने एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “मैं इस हैरेसमेंट से तंग आ चुकी हूं, यह 2018 से चल रहा है। हैश टैग #मीटू। आज तंग आकर पुलिस को कॉल किया। प्लीज, कोई मेरी मदद करो, इससे पहले देर हो जाए।” तनुश्री की बातों से यह साफ है कि वह मानसिक तनाव और शारीरिक परेशानियों से जूझ रही हैं, और इस स्थिति से निपटने के लिए उन्हें मदद की जरूरत है।

तनुश्री ने एक और वीडियो किया शेयर

इसके बाद, तनुश्री ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें किसी मशीन की आवाजें सुनाई दे रही हैं। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि लगभग पिछले तीन सालों से, उन्हें अजीब तरह की आवाजें सुनाई दे रही हैं। वह बताती हैं, “मैंने 2020 से लगभग हर दिन छत के ऊपर और दरवाजे के बाहर तेज आवाजों का सामना किया है। मैंने बिल्डिंग प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अब मैं इन आवाजों के साथ जीने की आदत डाल चुकी हूं और इनसे ध्यान हटाने के लिए हेडफोन लगाती हूं, जिसमें हिंदू मंत्र होते हैं।”

तनुश्री ने यह भी कहा कि इन लगातार परेशानियों से वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गई हैं और उन्हें क्रोनिक थकान सिंड्रोम (Chronic Fatigue Syndrome) का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “सोचिए, कल मैंने पोस्ट किया और आज यह हुआ। अब समझ जाओ आप लोग कि मैं किससे जूझ रही हूं। और भी बहुत कुछ है जो मैं एफआईआर में मेंशन करूंगी।”

बता दें, 2018 में तनुश्री दत्ता तब सुर्खियों में आईं थीं जब उन्होंने अभिनेता नाना पाटेकर पर #MeToo अभियान के तहत उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में नाना पाटेकर के पक्ष में फैसला सुनाया था। अब तनुश्री फिर से अपनी परेशानियों को लेकर चर्चा में हैं और मदद की गुहार लगा रही हैं।

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Maharashtra News: उल्हासनगर में जेल से छूटे छेड़छाड़ के आरोपी ने पीड़िता  के सामने नि...

Maharashtra News: महाराष्ट्र के उल्हासनगर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर आई है। यहाँ छेड़छाड़ के एक मामले में जेल से रिहा हुए अपराधी ने ऐसा जश्न मनाया मानो कोई बहुत ही बहादुरी और गर्व का काम कर के जेल से बाहर आया हो। खबर के मुताबिक, रिहा होते ही आरोपी ने अपने समर्थकों के साथ ने न सिर्फ मोटरसाइकिल जुलूस निकाला, बल्कि पीड़िता के घर के सामने ढोल-नगाड़े बजाकर और पटाखे फोड़कर खुलेआम जश्न भी मनाया। इस घटना के बाद महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही, पीड़िता और उसका परिवार भी इस घटना से डरा हुआ है।

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ये है पूरा मामला – Maharashtra News

ये सारी घटना 27 अप्रैल 2025 की रात की है, जब उल्हासनगर के कैंप 2, रमाबाई टेकड़ी इलाके में रोहित बिपिन झा, आशीष उर्फ सोनमणि बिपिन झा, हंसु झा और बिट्टू यादव ने एक घर का दरवाजा तोड़कर दो युवतियों के साथ छेड़छाड़ की। पीड़िताओं के कपड़े फाड़ने और मारपीट की वारदात भी सामने आई। जिसके बाद, गुस्साए स्थानीय लोगों ने आरोपियों की पिटाई की, और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। रोहित बिपिन झा को हाल ही में आधारवाड़ी जेल से जमानत मिली, और रिहा होते ही उसके साथियों ने ऐसा तमाशा किया कि कानून की धज्जियां उड़ गईं।

पीड़िता के घर के सामने ढोल-ताशे बजाए

रोहित के समर्थकों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली और पीड़िता के घर के सामने ढोल-ताशे बजाए, पटाखे फोड़े। इस जुलूस में आशीष उर्फ सोनमणि बिपिन झा, अब्दुल सोहेल, आरिफ मोहम्मद सैय्यद, सुमित आनंद गायकवाड़, परशु सदाशिव सनपाल, रेखा बिपिन झा, सागर सुरदकर और कई अन्य लोग शामिल थे। इस जश्न का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद लोगों में गुस्सा भड़क उठा। पीड़िता के परिवार को डर के साये में जीने को मजबूर कर दिया गया, और स्थानीय लोग पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

हरकत में आई पुलिस

पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विष्णु तम्हाणे ने मामले को गंभीरता से लिया। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 74, 75, 76, 351(2)(3), 352, 115(2), 189(2), 190, 191(1)(3), 223, 285, शस्त्र अधिनियम की धारा 37(1)(3), 135, 142 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 के तहत दो मामले (420/2025 और 704/2025) दर्ज किए। गैरकानूनी जमावड़े, बिना अनुमति रैली निकालने और सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध करने जैसे आरोपों के तहत कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें भेजी गई हैं।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की तारीफ की है, लेकिन सवाल ये है कि क्या ये काफी है? इस तरह की घटनाएं समाज में कानून के प्रति भरोसा कम करती हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जब पीड़िता के घर के सामने ही अपराधी खुलेआम जश्न मना सकते हैं, तो आम इंसान की सुरक्षा का क्या? उल्हासनगर की ये घटना एक बार फिर हमें सोचने पर मजबूर करती है कि कानून को और सख्त करने की जरूरत है। अपराधियों को बेखौफ होने से रोकना होगा, ताकि कोई भी पीड़ित परिवार डर के साये में न जीए।

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Savaan Shivratri 2025: जानें जलाभिषेक का शुभ समय, रुद्राभिषेक मुहूर्त और भद्रा काल

Shivratri Jal Abhishek: इन दिनों सावन के महीने में हर कोई पूजा-पाठ में व्यस्त है। कहा जाता है कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान पड़ने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इसे सावन शिवरात्रि या मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। कांवड़िये और लोग हरिद्वार से जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते है सावन शिवरात्रि जो कि 23 जुलाई, बुधवार यानी आज तो चलिए आपको इस लेख में जलाभिषेक के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में बताते हैं, जिससे भक्त अपनी सुविधा अनुसार भगवान शिव को जल अर्पित कर सकते हैं।

जलाभिषेक के लिए शुभ समय

सावन शिवरात्रि चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 23 जुलाई 2025, बुधवार प्रातः 4:39 बजे, चतुर्दशी तिथि समाप्त: 24 जुलाई 2025, गुरुवार प्रातः 2:28 बजे। कृपया ध्यान दें, शिवरात्रि पारण (व्रत खोलने का समय) गुरुवार, 24 जुलाई 2025 को प्रातः 5:38 बजे से है।

वैस तो आप सुबह से ही जलाभिषेक कर सकते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में जलाभिषेक करना बहुत शुभ माना जाता है। 23 जुलाई 2025 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:15 बजे से 04:56 बजे तक रहेगा, उसके बाद भद्रा शुरू हो जाएगी, भद्रा में जलाभिषेक नहीं किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि निशिता काल (मध्यरात्रि) रुद्राभिषेक के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है।

शिवरात्रि की चार प्रहर पूजा

निशिता काल पूजा का समय 24 जुलाई 2025 को सुबह 12:07 बजे से 12:48 बजे तक है (कुल अवधि: 41-42 मिनट) इसके अलावा, अगर हम आपको चार प्रहर पूजा समय का संयोजन बताएं, तो यह कुछ इस प्रकार होगा…

  • शिवरात्रि की रात को चार प्रहर पूजा का विशेष महत्व होता है।
  • प्रथम प्रहर: 23 जुलाई 2025 शाम 7:17 बजे से 9:53 बजे तक
  • द्वितीय प्रहर: 23 जुलाई 2025 रात 9:53 बजे से 24 जुलाई 2025 सुबह 12:28 बजे तक
  • तृतीय प्रहर: 24 जुलाई 2025 रात 12:28 बजे से 3:03 बजे तक
  • चतुर्थ प्रहर: 24 जुलाई 2025 सुबह 3:03 बजे से 5:38 बजे तक

भद्रा काल कितने से कितने बजे तक 

सावन शिवरात्रि के दिन भद्रा काल भी रहेगा, लेकिन यह स्वर्ग लोक में होगा, इसलिए इसका पृथ्वी पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। भद्रा और राहु काल को भगवान शिव की पूजा में बाधा नहीं माना जाता है।

  • भद्रा प्रारंभ: 23 जुलाई 2025 प्रातः 5:37 बजे
  • भद्रा समाप्ति: 23 जुलाई 2025 अपराह्न 3:31 बजे

भद्रा का प्रभाव: 23 जुलाई को भद्रा सुबह 5:37 बजे से दोपहर 3:31 बजे तक रहेगी। कुछ मान्यताओं के अनुसार, भद्रा में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। हालाँकि, कई ज्योतिष विद्वानों का मानना है कि चूँकि यह भद्रा स्वर्ग लोक में होगी, इसलिए इसका शिव पूजा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिर भी, यदि आप सावधानी बरतना चाहते हैं, तो दोपहर 3:31 बजे के बाद या ऊपर बताए गए अन्य शुभ मुहूर्तों में जलाभिषेक कर सकते हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि शिवरात्रि की रात्रि पूजा पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

इसके अलवा आप अपनी सुविधा और स्थानीय मंदिर के समय के अनुसार इनमें से किसी भी शुभ मुहूर्त में भगवान शिव पर जल चढ़ा सकते हैं।

Odisha Rape Case: ओडिशा में बर्थडे पार्टी से लौट रही नाबालिग लड़की से 3 लोगों ने किया...

Odisha Rape Case: दिल्ली और यूपी को औरतों के लिए सबसे असुरक्षित राज्य माना जाता हैं, लेकिन अब इसी कड़ी में ओडिशा का नाम भी जुड़ता नजर आ रहा है. दरअसल, ओडिशा से एक ऐसी रूह को झकझोर देने वाली खबर आयी है जिसे सुनकर आप ये सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आखिर कब तक देश की बहन-बेटियां दरिंदो की हवस का शिकार बनती रहेंगी. खबर के मुताबिक, ओडिशा के मलकानगिरी जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ न सिर्फ रेप किया गया, बल्कि 4 लोगों ने मिलकर उसके साथ बेहद बेरहमी से गैंगरेप किया. हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि इन घिनोने वारदातों को अंजाम दो अलग-अलग जगहों पर दिया गया. चलिए आपको इस पुरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं.

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मल्कानगिरी के पुलिस अधीक्षक का बयान आया सामने- Odisha Rape Case

मंगलवार को मल्कानगिरी के पुलिस अधीक्षक विनोद पाटिल एच ने इस पूरे मामले पर जानकरी देते हुए कहा कि शुरुआती जांच में यह मामला रेप से जुड़ा लग रहा था, लेकिन जब मामले की अच्छे से जांच की गई तब पता चला कि मामला तो गैंगरेप से जुड़ा है. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फ़ौरन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी और मात्र ६ घंटे के अंदर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. अपने बयान में  मलकानगिरी के एसपी ने कहा,”मलकानगिरी टाऊन थाने में 363/25 और 364/25 के नंबर से दुष्कर्म के शिकायत दर्ज हुए थे. मामले में शामिल सभी आरोपियों को 6 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया है. प्रोफेशनल तरीके से जांच होगी.”

एसपी ने आगे कहा, “हमारी कोशिश यह रहेगी कि जल्द ही चार्जशीट फाइल हो जाए. सभी आरोपियों को जल्द ही कोर्ट फॉरवर्ड भी कर दिया जाएगा. केस नंबर 363 के अनुसार मलकानगिरी शहर से लगभग 10/15 किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह पर एक ट्रक ड्राइवर ने एक नाबालिग लड़की का दुष्कर्म किया था. केस नंबर 364 के अनुसार ट्रक ड्राइवर से पहले 3 और लोगों ने पीड़िता के  साथ मलकानगिरी टाऊन इलाके में गैंगरेप किया था. कुल 4 लोग जो इन मामलों में शामिल थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.”

जन्मदिन पार्टी से लौटते वक़्त हुआ था अपहरण

खबरों की मानें तो, यह घटना रविवार श्याम के वक़्त हुई थी. दरअसल, नाबालिग लड़की अपनी एक सेहली की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने एक लिए घर से निकली थी और पार्टी खत्म होने के बाद घर जा रही थी, तभी रास्ते में तीन लोगों ने उसे किडनैप कर लिया. इसके बाद आरोपी पीड़िता को लेकर मल्कानगिरी शहर से लगभग 10 से 15 किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह पर पहुंचे. यहाँ उन आरोपियों ने न सिर्फ बारी-बारी से पीड़िता संग बलात्कार किया बल्कि उसे यातनाएँ भी दी.  अपने साथ यह दरिंदगी होती देख बच्ची बिलकुल टूट चुकी थी, लेकिन फिर भी उसने थोड़ी हिम्मत दिखाई और किसी तरह से दरिंदों के चंगुल से भागने में कामयाब रही.

ट्रक ड्राइवर से मांगी मदद तो उसने भी किया रेप

उन तीन दरिंदों से बचकर भागी पीड़िता अब उस सुनसान जगह से काफी आगे निकल आई थी, लेकिन उसे क्या पता था कि अभी एक और दरिंदा उसकी ताक में बैठा है. पुलिस द्वारा दी गयी जानकारी में इस बात का खुलसा हुआ कि जब पीड़िता उस सुनसान जगह से भागकर मल्कानगिरी शहर के बाहरी इलाके के पास पहुंची तो उसकी मुलकात वहां एक ट्रक ड्राइवर से हुई. पीड़िता को लगा कि अब उसकी जान बच जाएगी, लेकिन पीड़िता की हालत देख उस ट्रक ड्राइवर ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया. इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने पीड़िता को ट्रक चालक के साथ संदिग्ध हालत में देखा और  उनकी सूझबूझ  से पीड़ित लड़की की जान बच गयी.

पुलिस ने कहा पीड़िता को मिलेगा न्याय

इस जघन्य अपराध की सूचना जब पुलिस को मिली, तो वे तुरंत एक्शन में आए और गहन जाँच के बाद पुलिस ने इस वारदात में शामिल चारों हैवानों को गिरफ्तार कर लिया. इस घटना के बाद से मल्कानगिरी में जनता में भारी आक्रोश है. स्थानीय लोग पीड़िता को न्याय दिलाने की और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठा रहे हैं. वहीं, पुलिस ने भी जनता को आश्वासन दिया है कि पीड़िता को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा.

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